भारत में electric vehicles (EV) की चाह बढ़ रही है, लेकिन एक बड़ा सवाल अक्सर खरीदारों के मन में आता है — EV resale value यानी बाद में कब और कितने पैसों में आप अपनी इलेक्ट्रिक कार बेच पाएंगे. JSW MG Motor India ने इसी चिंता पर ध्यान देते हुए अपनी Assured Buy Back Programme को अब और विस्तारित कर दिया है, जिससे EV खरीदना आसान और भरोसेमंद हो सकता है.
क्या है MG का नया Value Promise
MG Motor India ने अपनी “Value Promise” योजना के तहत EVs के लिए assured buy‑back यानी तय resale value का विकल्प अब तीन साल से लेकर पांच साल तक देने का ऐलान किया है.
इसका मतलब है कि ग्राहक पहले से चुन सकते हैं कि वे अपनी EV को 3, 4 या 5 साल बाद कंपनी को एक निश्चित मूल्य पर वापस बेचेंगे. यह कीमत आमतौर पर 40% से 60% के बीच रहती है, जो उस अवधि के हिसाब से तय होती है.
यह योजना loan या finance से जुड़ी नहीं है, इसलिए चाहे कोई कार finance से खरीदे या सीधे नकद में, यह विकल्प दोनों के लिए उपलब्ध रहेगा.
क्यों resale value इतनी बड़ी चिंता है
भारत में EV खरीदने से पहले सबसे बड़ी hesitation यही होती है कि batteries और technology जल्दी पुरानी न हो जाएँ और resale value गिर न जाए.
ICE (petrol/diesel) कारों के resale pattern से लोग EV के resale value को लेकर अनिश्चित महसूस करते हैं, क्योंकि battery degradation, टेक्नोलॉजी का बदलाव और used EV pricing डेटा अभी ठोस नहीं है.
MG ने इसी uncertainty को घटाने के लिए इस मॉडल को आगे बढ़ाया है, ताकि लोग EV खरीदने का निर्णय ज्यादा आसानी से ले सकें.
ग्राहक को मिलेगा क्या‑क्या विकल्प
Value Promise के अंतर्गत ग्राहक को तीन option मिलते हैं:
• वह अपनी EV को खुद रख सकते हैं और आगे भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
• तय अवधि के बाद गाड़ी कंपनी को वापस बेच सकते हैं और assured resale value पा सकते हैं.
• या फिर तय resale value पर नई MG EV में upgrade भी कर सकते हैं.
इस तरह का flexibility खासकर first‑time EV buyers और fleet operators के लिए ज़्यादा भरोसेमंद ownership अनुभव देगा.
MG EV resale value से broader अर्थनीति को बल
MG का यह कदम सिर्फ एक marketing scheme नहीं है. इससे EV adoption ecosystem को मजबूती मिलती है, क्योंकि resale uncertainty अक्सर नई technology अपनाने में बाधा बनती है.
EV market में predicted depreciation को नियंत्रित करने और long‑term ownership cost को स्पष्टता देने के लिए ऐसा तरीका काफी अहम है.
Commercial buyers, जैसे fleet और taxi operators, जिन्हें हर साल mileage और resale value का सीधा financial असर होता है, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे.
भविष्य में इसका प्रभाव
जब अन्य manufacturers भी resale value या resale assurance पर ध्यान देंगे, तो इसका असर broader EV adoption पर पड़ेगा.
यह न सिर्फ individual buyers को आत्म‑विश्वास देगा, बल्कि used EV market को भी organized करने में मदद करेगा, जिससे EV resale value transparency बढ़ेगी.
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Charging infrastructure, battery technology और total cost of ownership जैसे दूसरे तत्व धीरे‑धीरे mature होंगे, लेकिन resale value assurance जैसे कदम adoption को तेजी से आगे बढ़ा सकते हैं.